Operating system for desktop and laptop in hindi-ऑपरेटिंग सिस्टम डेस्कटॉप और लैपटॉप क्या है?

हेल्लो दोस्तों आज के इस पोस्ट में आपको Operating system for desktop and laptop in hindi के बारे में बताया गया है की क्या होता है कैसे काम करता है तो चलिए शुरू करते है

Operating Systems for Desktop and Laptop

लैपटॉप, टैबलेट. और डेस्कटॉप कंप्यटर सभी मे ऑपरेटिंग सिस्टम रन होते हैं जो आपने शायद ही सुना हो। कुछ उदाहरणों में माइक्रोसॉफ्ट विंडोज के वर्जन शामिल हैं (जैसे विंडोज 10, विंडोज 8, विंडोज 7, विंडोज विस्टा और विडोज एक्सपी), एप्पल का मकआएस (पूर्व में ओएस एक्स), क्रोम ओएस, ब्लैकबेरी टैबलेट ओएस, उबंटू और लिनक्स का फ्लेवर, एक ओपेन मोड ऑपरेटिंग प्रणाली है।

DOS (Operating System) – डॉस (ऑपरेटिंग सिस्टम)

 DOS (Disk Operating System) एक ऑपरेटिंग सिस्टम है जो हार्ड डिस्क ड्राइव से चलता है। डिस्क ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग अनेक समान कमांड लाइन डिस्क ऑपरेटिंग सिस्टम का वर्णन करने के लिए भी किया जाता है। PC-DOS (पर्सनल कम्प्यूटर डिस्क ऑपरेटिंग सिस्टम) पहला व्यापक रूप से स्थापित डिस्क ऑपरेटिंग सिस्टम था जो इंटेल 8086 16-बिट प्रोसेसर पर चलने वाले व्यक्तिगत कम्प्यूटरों में उपयोग किया जाता था। इसे Microsoft Corporation द्वारा IBM के लिए विकसित किया गया था, जिसने MS-DOS के समरूपी संस्करण का भी निर्माण किया।

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Windows Operating System – विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम

यह एक ग्राफिकल यूजर इन्टरफेस का सबसे लोकप्रिय ऑपरेटिंग सिस्टम है। यह भी मल्टी टास्किंग, नेटवर्क सपोर्टेड ऑपरेटिंग सिस्टम है। विन्डोज के कई वर्जन आये है, सर्वर तथा स्टैन्ड एलोन दोनों के लिए अलग ऑपरेटिंग सिस्टम है।

Linux Operating System – लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम

यह ऑपरेटिंग सिस्टम शुरुआत में 1991 में लाइनस टॉर्वाल्ड्स द्वारा बनाया गया था। लिनक्स ओपन सोर्स कोड ऑपरेटिंग सिस्टम का उदाहरण है। लिनक्स में वास्तविक मल्टीटास्किंग होती है और इसमें वर्चुअल मेमोरी, शेयर्ड लाइब्रेरीज, डिमांड लोडिंग, मेमोरी मैनेजमेंट, टीसीपी/आईपी नेटवर्किंग और अन्य फीचर्स शामिल होते हैं जो वर्तमान में पूर्ण विशेषताओं वाले

कमर्शियल ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ उपलब्ध हैं। । इसमें यूनिक्स ऑपरेटिंग सिस्टम में मौजूद सभी विशेषताएं हैं। लिनक्स आमतौर पर दो प्रकार के ग्राफिकल यूजर इंटरफेस के साथ प्रदान किया जाता है एक है KDE और दूसरा GNOME | इसके अन्य इंटरफेस जैसे कमांड इन्टरप्रेटर आदि भी उपलब्ध हैं।

1.Kernel – कर्नल

कर्नल लिनक्स का मुख्य भाग है। यह इस ऑपरेटिंग सिस्टम की सभी प्रमुख एक्टिविटी के लिए उत्तरदायी होता है। यह विभिन्न मॉड्यूल के होते हैं और यह आधारभूत हार्डवेयर के साथ डायरेक्टिली इंटरैक्ट. करता है। है। एक कर्नल, हार्डवेयर लेवल (सीपीयू, रैम, डिस्क, नेटवर्क …) के साथ एक लो-लेवल के प्रोग्राम का इंटरफेस होता है, जिनके ऊपर एप्लिकेशन रन कर रहे होते हैं।

२.System Library- सिस्टम लाइब्रेरी

सिस्टम लाइब्रेरी एक स्पेशल फंक्शन्स या प्रोग्राम्स होते हैं जिसका उपयोग करके एप्लिकेशन प्रोग्राम या सिस्टम यूटीलिटी कर्नल फीचर को एक्सेस करते हैं। ये लाइब्रेरी, ऑपरेटिंग सिस्टम के अधिकांश फंक्शनैलिटी को इंप्लिमेंट करते हैं और इन्हे कर्नल मॉड्यूल के कोड को एक्सेस राइट्स की आवश्यकता नहीं होती है।

3.Shell – शेल

शेल एक कमांड इंटरप्रेटर है, प्रोग्राम, जो कि आपके टर्मिनल एमुलेटर (इंटरैक्टिव मोड) या शेल स्क्रिप्ट्स (टैक्स्ट फाइले जो कमांड्स को कंटेन करती हैं) (बैच मोड) प्रोसेस में एंटर किए जाने वाले कमांड को प्रॉसेस करता है।

reference-https://www.softwaretestinghelp.com/best-operating-systems/

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