Computer Course In hindi-कंप्यूटर कोर्स क्या है?

हेल्लो दोस्तों आज इस पोस्ट में कंप्यूटर(Computer Course In hindi) क्या होता है कैसे काम करता है पूरा कोर्स दिया गया है तो चलिए शुरू करते है

COMPUTER

कंप्यूटर दो शब्दों से मिल कर बना होता है comput+er .

जहा computका अर्थ गणना और er का अर्थ करने वाला अथार्त गणना करने वाला होता है

जिसे हिंदी में कंप्यूटर(Computer Course In hindi) को संगणक कहते है कंप्यूटर का अविष्कार 1833 ईo में चालर्स बैबेज के द्वारा किया गया था

पहला गणना यन्त्र

COMPUTER की परिभाषा :-

Computer एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जो हमसे डाटा लेती है और उसे प्रोसेस करती है और processing के परिणाम को information(इनफार्मेशन) कहते है

data:-सामान्य रूप से उपलब्ध आकडे को data कहा जाता है जैसे (i)किसी कक्षा में पढने वाले छात्रो का name roll no. प्राप्तांक इत्यादी (ii)दुकानदार द्वारा दिए गए समस्त विवरण को data कहते है

processing :-किसी भी data पर की जाने वाली गणितीय प्रक्रिया को कंप्यूटर की परिभाषा में processing कहते है

जैसे:-जब कंप्यूटर ग्राहकों के द्वारा खरीदी गये सामानों की संख्या को उसकी दर से गुणा करता है या दी गयी छुट को घटाता है या अतिरिक्त कणों को जोड़ता  है तो हम कहते है की कंप्यूटर प्रोसेस कर रहा है

processing दो तरह की होती है

(i)arithmetical operation:-जोड़ ,घटाना,गुणा ,भाग,की प्रक्रिया को arithmetical operation कहा जाता है

(ii)logical operation:दो व्यक्तियों दो वस्तुयों की आपस में तुलना करने की प्रक्रिया को logical operation कहते है

जैसे क्या राम मोहन से बड़ा हिया या गीता सीता से छोटी है

information :-computer के द्वारा प्रोसेस किये गए data को ही information कहते है

data processing :-data पर arithmetical या logical operations करके उसे इनफार्मेशन(सुचना) के रूप में परिवर्तित करने की प्रक्रिया data processing कहलाती है या , जो भी device data को प्रोसेस करके इनफार्मेशन में परिवर्तित करती है उन्हें हम data processing device कहते है

COMPUTER की मुलभुत क्षमताये :-

(1)data ग्रहण करने में सक्षम

(2)processing करने में सक्षम

(3)information प्रदर्शित करने में सक्षम

digram

input unit हमेशा data लेता है और processing unit को देता है processing unit कुछ data को प्रोसेस करता है और processing के द्वारा प्राप्त हुए परिणाम को output unit को देता है

computer का वास्तविक स्वरूप :-

digram 

input unit:-

  1. keyboard
  2. mouse
  3. scanner
  4. joystics
  5. trackball
  6. light pan
  7. microphone
  8. OMR(optical mark reader)
  9. BCR(bar code reader)
  10. MICR(magnetic ink character reader)
  11. Touch Screen
  12. Moderm
  13. Wave camera
  14. Video camera

(2)output unit:-

  1. VDU(मॉनिटर)
  2. Printer
  3. Projector
  4. plater
  5. speaker

keyboard:-keyboard input unit का कार्य करता है इसमे पांच प्रकार की key पाई जाती है

  1. alphabetical key(A to Z)
  2. number key(0 to 9)
  3. special key(*,#,!,%)
  4. function key(F1 to F9)
  5. sepecial key(capslock,tab)

माउस(mouse):- यह देखने में चूहे के आकार का होता है इसके पीठ पर दो बटन होती है left और right botton ,left  botton से  किसी भी option को खोला जाता है और right botton से property देखी जाती है या property set की जाती है

printer:- यह तीन प्रकार का होता है

  1. dot metrics printer
  2. inkjet printer
  3. lazar printer

processing unit:-इसका बाह्य स्वरूप एक box के आकर का होता है इस बॉक्स को सामान्यत: चौसिस कहते है इस चौसिस के भीतर processor और अन्य विशिष्ट unit होते है जो processing एवं अन्य प्रकार की क्रियाये संपन्न करते है

floppy drive:-processor unit में संलग्न एक सम्पूर्ण unit होती है जो computer(Computer Course In hindi) में data एवं निर्देशों को स्थायी रूप से स्टोर करने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है

floppy drive में floppy लगाकर data या निर्देश लिख सकते है और पढ़ सकते है चुकी पढने और लिखने दोनों तरह की क्रियाये इसपर होती है इसलिए इसे input output device भी कहते है

floppy दो sizes की होती है

(1)

(2)

 

digram

hard disk(हार्डडिस्क):-

digram

hard-disk processor unit के अंदर निहित एक सम्पूर्ण unit होती है जो computer में data और निर्देश को स्थायी रूप से स्टोर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है

data या निर्देश read/write head द्वारा hard-disk के platers पर लिखे जाते है

जैसे किसी कैसेट पर रिकॉर्ड किये गए संगीत की बहती रिकॉर्ड हो जाती है और यह स्थायी रूप से data को स्टोर करती है आवश्यकता पड़ने पर यह data और निर्देश को प्रस्तुत भी करती है यह computer में स्थाई रूप में लगी होती है इसलिए इसे कभी –कभी fixed disk कहा जाता है यह पढने और लिखने दोनों तरफ की क्रियाये करता है इसलिए इस input output या I/O device भी कहते है

Floppy और harddisk में अंतर :

Floppy

Hard-disk

(1).इसको computer से निकला या लगाया जा सकता है (1).यह स्थाई होती है
(2).इसकी stores क्षमता कम होती है (2).इसकी stores क्षमता अधिक होती है
(3).इसमे लिखने और पढने का काम धीरे होती है (3).इसमे लिखने और पढने का काम कम होता है

 

digital computer की पांच मुख्य ईकाईया

  1. CPU
  2. Input unit
  3. Output unit
  4. stores device
  5. communication interface

booting :- operating system को computer की मेमोरी में load करने की प्रकिया को booting कहते है booting वह प्रक्रिया है जिसमे पश्चात् computer लिखने पढने हमारे द्वारा दिए गए data निर्देश को समझने और क्रियाविंत करने में सक्षम बनाता है

operating system :-operating system computer को दिए जाने वह निर्देश है जो computer को लिखने पढने या हमारे द्वारा दिए गए data निर्देश को समझने में सक्षम बनाते है operating system कई प्रकार के होते है जो विभिन्न कंपनी द्वारा निर्मित होते है

जैसे ms dus OS/2 ,window 95 ,window 98 ,unik etc यह सभी windows पर्सनल computer पर प्रयोग किया जाता है

Cursor(कर्सर):-VDU पर टिमटिमाता हुआ डैस की आकृति का चिन्ह होता है जो computer पर keyboard से type करते समय एक पेन टिपकी भूमिका निभाता है

file naming:- जब कभी हम data या निर्देश को स्थायी रूप से स्टोर कने की दृष्टी से hard-disk पर लिखते है तो computer उन्हें एक फाइल(file) के रूप में लिखते है file का name दो भागो के होते है

पहला भाग मुख्य name या primary name कहलाता है और दूसरा भाग को extension कहते है दोनों नामो के बीच एक डाट(.) लगता पड़ता है

<मुख्य नाम>.<extension>

मुख्य name अधिक से अधिक अक्षर का कैप्टल(capital) या small दोनों हो सकते है extension name अधिक तीन अक्षर का हो सकता है इसमे गाणितिक चिन्ह जैसे +,-,/,* इत्यादी का प्रयोग नहीं किया जा सकता है

computer की आंतरिक संरचना :

 digram

computer की आंतरिक संरचना में मुख्यतः तीन भाग होते है

  1. मेमोरी
  2. प्रोसेसर
  3. अन्य अवयव

(1).memory(मेमोरी):-मेमोरी computer का वह आंतरिक भाग होता है जहा पर computer प्रोसेस किये जाने वाले data निर्देश एवं processing के परिणामो को अस्थायी रूप से स्टोर करके रखता है इस मेमोरी में सभी सामग्री अस्थायी रूप से स्टोर होती है इसलिए इसे कभी कभी अस्थायी मेमोरी या temperoury मेमोरी कहा जाता है इसे main memory या temperoury memory या random access memory या volatile memory भी कहते है

memory दो प्रकार की होती है

(1).primary memory

(2).secondary memory

primary memory :-यह निम्न दो प्रकार की होती है

(i)RAM(random access memory):यह read/write memory होती है यह सुचना को ram में लिखने के साथ-साथ पढ़ भी सकती है यह एक अस्थिर memory होती है इसमे कोई सुचना तब तक स्टोर रहती है जब तक computer की power supply on है

यह भी दो प्रकार की होती है

(a).static :-power supply उपलब्ध होने तक सूचनाओ को संग्रहित रखती है

(b).dynamic:power supply उपलब्ध होने के कुछ समय बाद भी कुछ ही समय में data को समाप्त कर देता है

(2).ROM(read only memory):-यह स्थायी memory होती है यह power supply बंद होने के बाद भी data को समाप्त नहीं करती है यूजर रूम में लिख नही सकता है इसके निमार्ण के समय ही data program लिखे होते है

यह तीन प्रकार की होती है

  • P-ROM:-इसका पूरा name programmable read only memory होती है यह program की जा सकने वाली rom को ही p-rom कहते है
  • EP-ROM:-इसका पूरा name erasible programmable read only memory होता है यह एक परिवर्तनशील P-ROM होती है उच्च घनत्व की छोटी अल्ट्रा वायलेट किरणों को लगभग 20 मीटर तक बौछार करके EP-ROM में data को संग्रहित data को परिवर्तित किया जा सकता ह
  • EEP ROM: इसका पूरा नाम erasible programmable read only memory कहते है इलेक्ट्रॉनिक करेंट द्वारा मिटाई जा सकने वाली rom को EEP-ROM कहते है

case memory:- यह CPU और मुख्य memory के बीच में रखा जाता है यह मुख्य memory से काफी तेज होती है क्योकि मुख्य memory की अपेक्षा इसको data access करने में कम समय लगता है

secondary memory

processor:यह computer में उपयोग होने वालो सबसे महत्वपूर्ण भाग है computer के माध्यम से  होने वाले सभी कार्य या तो इसके द्वारा किये जाते है या इसके द्वारा संचालित किये जाते है यह दो प्रकार की होती है

arithmetical एवं logical unit:- इसे संक्षेप में ALU भी कहते है computer के द्वारा की जाने वाली सभी arithmetical एवं logical क्रियाये इसी unit के द्वारा संपन्न होती है कब कभी computer को किसी data पर  गणितीय logical क्रियाये करता है तो data memory ALU में आता है ALU उनपर गणितीय क्रियाये करता है और परिणामो को पुन : memory में भेज देता है

control unit:-processor का यह भाग प्रबंधक कार्य करता है इसके द्वारा निम्नलिखित कार्य किये जाते है

  1. data को input device से memory में जाने के लिए निर्देश देता है
  2. data को memory से ALU में जाने का निर्देश देता है
  3. processing के परिणामो को memory से output device पर जाने का निर्देश देता है
  4. I/O device को data लिखने और पढने का निर्देश देता है

display card:- computer(Computer Course In hindi) में display card printed circuit board के रूप में रहना है

यह तीन प्रकार के होते है

  1. M.G.A:- इसका पूरा नाम monocrome-graphic adoptor होता है यह कम रिजुलेसन वाले black and write VDU के लिए उपयुक्त किया जाता है
  2. C.G.A:-इसका पूरा नाम color graphic adoptor होता है यह रिजुलेसन वाले colour VDU के द्वारा प्रयोग किया जाता है
  3. S.B.G.A:-इसका पूरा नाम super BDO graphic adoptor होता है यह high रिजुलेसन वाले colored and black and white VDU के लिए प्रयोग किये जाते है

computer software:- computer hardware स्वंय कोई लाभ कार्य नहीं क्र सकता इसे कुछ निर्देश की आवश्यकता होती है

computer को जरुरत के अनुसार चलाने के लिए निर्देश का एक समूह लिया जाता है इसे प्रोग्राम कहते है प्रोग्राम के समूह को software कहते है

यह निम्न है

  1. application software
  2. system software
  3. pakage software
  4. custmize software

system software:-system software computer निमाताओ द्वारा  तैयार  किये गए वह निर्देश है जो computer के विभिन्न भागो का प्रयोग करते है इसके निम्न भाग है

  1. operating system
  2. device driver
  3. computer की भाषाए एवं compilor
  4. commond utilities

operating system:-वह software होता है जो computer के सभी आंतरिक भागो की क्रिया से बनाया है और computer(Computer Course In hindi) को यह क्षमता प्रदान करता है की लिखने पढने एवं processing सम्बंधित साभी कार्यो को कर सके इन्ही क्षमातायो के कारण computer यूजर के द्वारा दिए गए commando जैसे Dir ,copy ,type को keyboard से पढने में सक्षम बनाता है

operating system के प्रबंधक कार्य

  1. memory management
  2. processor management
  3. device management
  4. file management

operating system का वर्गीकरण

यह दो प्रकार का होता है

  1. single user operating system
  2. multi user operating system

 

Computer Course In hindi

Computer Course In hindi

reference-https://www.britannica.com/technology/computer

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